February 2008
39 posts
अमेरिकी चुनावः इस बार बन सकता है इतिहास →
इस बार के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एक इतिहास के रचे जाने की बहुत ज्यादा संभावना है और ये इतिहास रचेगी डेमोक्रेटिक पार्टी। लास्ट राउंड की रेस तक इस पार्टी के दो फाईनल उम्मीदवार हैं, बेरॉक ओबामा और हिलेरी क्लिटंन। यानि कि अमेरिकी इतिहास में या तो पहला अफ्रीकन-अमेरिकन राष्ट्रपति बनेगा या पहली महिला राष्ट्रपति। […]
Feb 1st
January 2008
53 posts
लो अपनी पोस्ट भी चोरी हो गई….. →
….. यानि कि अपन भी अच्छा लिखते हैं!!
Jan 31st
प्रत्यक्षा ने दिया अभयज्ञान →
ऊपर दिये गये टाईटिल का बड़ा वर्जन कुछ यूँ है - प्रत्यक्षा, अभय, ज्ञानजी, प्रियंकर और अन्य (अगर कोई है) के बीच बहुत जल्द आपसी सौहार्द बड़ेगा। इससे पहले आप कुछ सोचें हम बता दें कि ये बात हम कोई ज्योतिषी गणना करके नही बता रहे। बल्कि हिंदी चिट्ठाजगत के पिछले ट्रैंड के बल पर […]
Jan 30th
उम्रदराजी और स्मार्टनेस →
ये माना जाता रहा है कि महिलाएँ अपनी उम्र को लेकर बहुत सतर्क रहती हैं और वो हमेशा से ये चाहती रही हैं कि उनकी उम्र 16 बसंत पार करके ठीक वहीं पर ठहर जाए. उधर पुरुष वर्ग भी अपने बाइसेप्स को 20-21 वर्ष पर या बहुत हुआ तो 25 वें ग्रीष्म पर स्थिर कर देना चाहते हैं. माथे पर उम्र की लकीरें, बालों पर उम्र की सफेदी, गालों पर उम्र के गड्ढे छुपाने के लिए अरबों-खरबों जतन किये जाते रहे हैं. महिलाओं के उम्र से...
Jan 30th
लीगल डोमेन माफ़िया →
….. ढूँढो आप और कब्ज़ा लेगा वो
Jan 29th
एक ब्लॉग मंच्‍यूरियन काउंटर के दूसरी ओर →
‘एक हक्‍का नूडल्‍स प्लीज़’ पर्स से सौ का नोट निकालते हुए मैंने कहा। कल ही की बात है, पड़ोस के मैट्रोवॉक नाम के मॉल में शाम को गए थे। बच्‍चों की इच्‍छा नूडल्‍‍स खाने की थी। पैन्‍टालून समूह के इस फास्‍टफूड सेल्‍फ सर्विस रेस्‍त्रां में कभी कभी जान होता है। ‘ओह सर आप’ मुस्‍कराकर और चौंकते हुए काउंटर आपरेट करते युवक ने कहा। मैंने देखा…ओह। ये सो… था। मेरा...
Jan 28th
बेटे भी संवेदनशील होते हैं →
आजकल ब्लाग-जगत में बेटियों की के बारे में कई अच्छी-अच्छी पोस्टें आयी हैं। विमल वर्मा जी अपनी बिटिया प्यारी पंचमी के जन्मदिन पर पोस्ट लिखी। वहीं से मैं बेटियों के ब्लाग पर पहुंचा। इसकी एक बेहतरीन पोस्ट में रवीशकुमार जी ने अपनी बिटिया के बारे में लिखते हुये उसके कारण अपने जीवन में […]
Jan 27th
मेगापिक्सल ही मेगापिक्सल →
….. इतने जितने आप सोचे भी नहीं होंगे
Jan 26th
…जरा याद उन्हें भी कर लो →
गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित पुष्प की अभिलाषा देश के उन सभी शहीदों को समर्पित है जिन्होंने आजादी दिलाने में और आजादी के बाद उसकी सुरक्षा करने में अपनी जान की बिल्कुल भी परवाह नही की। उन्ही सभी को हमारी भावपूर्ण श्रदांजलि चाह नही मैं सुरबाला के गहनों में गूथा जाऊँ। चाह नही […]
Jan 26th
मैं स्मार्ट या तू? →
स्मार्टनेस कहाँ – चिट्ठा लेखक में या चिट्ठापाठक में? एक डॉक्टर में या इंजीनियर में? एक प्रोफ़ेसर में या एक लिपिक में ? ठहरिए, पहले पूरी पोस्ट पढ़िए, फिर बताइएगा. दैनिक भास्कर में एन रघुरामन् मैनेजमेंट फंडा नाम से नित्य एक कॉलम लिखते हैं जिसमें वे प्रबंधन के गुर बताते हैं. आमतौर पर वे संक्षिप्त में बहुत सी काम की बातें बताते हैं और प्रायः उनमें से अधिकतर उनके स्वयं के अनुभवों से भरे रहते...
Jan 25th
मुम्बई ले लो….. बंगलूरु ले लो….. कोलकाता ले लो….. →
…… बोलो भई क्या खरीदने को माँगता, सब माल एकदम फ्रैश
Jan 25th
खेल प्रेम मॉय फुट →
आजकल अचानक बड़े बड़े व्यापारियों के अंदर खेल प्रेम जा चुका है कोई मुम्बई की टीम खरीद रहा है, कोई कलकत्ता की। कभी कही देखा था लोग मुर्गे लड़वाते थे और उन पर दाँव लगाते थे, आज जमाना बदल चुका है। समस्या इस बात पर नही है कि व्यापारी पैसा लगा रहे हैं, दुख इस […]
Jan 25th
ब्लोगर की कहानी एक पोस्ट की जुबानी →
मेरी ये पोस्ट उन तमाम लोगों को समर्पित है जो कुछ ना कुछ लिख रहे हैं, चाहे किसी चिट्ठे की किसी पोस्ट के रूप में या कही किसी चिट्ठे में टिप्पणी के रूप में। किसी एवार्ड की चाह में या निर्विकार भाव में, चाहे उनकी पोस्ट किसी को भाये या खुद ही देख मंद मंद […]
Jan 24th
इनाम का फ़तवा -कुछ चिल्लर विचार →
आज काफ़ी दिन बाद लिखना हो रहा है। इस बीच तमाम घटनायें हो गयीं। हमें पता ही न चला और दिन दहाड़े हमारे सम्मान का फ़तवा जारी हो गया। इसकी सूचना हमें समीरलालजी ने फोन पर दी। हम रास्ते में थे। समीरजी ने फोनिया के बताया कि हमें ‘सृजन सम्मान’ के लिये सुना गया […]
Jan 24th
ब्लोगर की कहानी एक पोस्ट की जुबानी →
मेरी ये पोस्ट उन तमाम लोगों को समर्पित है जो कुछ ना कुछ लिख रहे हैं, चाहे किसी चिट्ठे की किसी पोस्ट के रूप में या कही किसी चिट्ठे में टिप्पणी के रूप में। किसी एवार्ड की चाह में या निर्विकार भाव में, चाहे उनकी पोस्ट किसी को भाये या खुद ही देख मंद मंद […]
Jan 24th
केंद्रीय हिंदी संस्थान की पत्रिका : गवेषणा में... →
केंद्रीय हिंदी संस्थान – आगरा की पत्रिका – गवेषणा का अक्तूबर – दिसम्बर 2007 का अंक भाषा एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर केंद्रित है. इस अंक में सूचना प्रौद्योगिकी (इनफ़ॉर्मेशन तकनालॉजी) पर कोई 29 आलेख हैं जो पत्रिका के 200 पृष्ठों में समाए हुए हैं. हिन्दी भाषा व फ़ॉन्ट की समस्याओं से लेकर यूनिकोड और हिन्दी इंटरनेट इत्यादि पर लगभग सभी विषयों पर इसमें आलेख हैं. रेडहैट के राजेश रंजन जो कि लिनक्स के हिन्दी...
Jan 22nd
विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी... →
वो सॉरी बोल रहा है। याद आया कुछ, अगर नही तो इस बार पेश है एक बहुत ही प्यारी क्लिपिंग। साथ में है सरप्राइज जिसे शायद बहुत कम ही जानते होंगे, मुझे भी नही पता था। अच्छा कोकाकोला, पेप्सी और थम्सअप के अलावा कौन सा ड्रिंक आपको याद है, दिमाग पर जोर डालिये क्या पता कोई […]
Jan 22nd
तो ठीक है ना….. →
….. अब तानाशाही और अनुचित दबाव है तो है
Jan 22nd
विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी... →
अपना देश अनेकता में एकता का बड़ा अच्छा उदाहरण है, अनेकता में एकता की बात करें तो याद आता है एक-अनेक वाला विडियो इसके बाद कुछ और कहने की जरूरत ही नही है। और अगर आपको जंगल में चड्डी पहन कर खिले हुए फूल को देखे जमाना हो गया है तो आज वो भी देख लें आज […]
Jan 21st
कार्टूनः आस्ट्रेलिया क्यों हारी? →
आखिर आस्ट्रेलिया क्यों नही जीती? मुहँ में ताला लगा था या फिर अब लगता तो यही है कि अगर आस्ट्रेलिया मुँह बंद करके खेले तो वो वहाँ नही पहुँच सकती जहाँ आज है? देखते हैं आगे क्या होता है।
Jan 20th
ब्लॉगिंग का झुमरी तलैया बनाम थू थू चौकड़ी से बचने... →
यूं तो (यहाँ हिन्दी माना जाए) ब्लॉग पोस्टों में 80 प्रतिशत कूड़ा कबाड़ा सदैव सर्वदा मिलते रहने की थ्योरी और वाद-विवाद हिन्दी ब्लॉगिंग के पुरातन समय http://hindini.com/fursatiya/?p=119 से ही जारी है, मगर ये बात भी तय है कि कूड़े के कूड़ा-पन की ग्रेविटी दिनोंदिन बढ़नी ही है, भले ही प्रतिशत वहीं पर झूलता रहे. हाल ही में जे पी नारायण http://behaya.blogspot.com/2008/01/blog-post_2134.html ने इस बात को...
Jan 20th
लीजिए रविजी अब हमारे फीडकाउंट भी आपके बराबर →
डिस्‍क्‍लेमर : हम घोषित रूप से मगलू बोले तो मग्‍गल हैं, हमारी इस पोस्‍ट को कतई तकनीकी न माना जाए। रविजी ने हैरानी व्‍यक्‍त की कि रचनाकार के 1400 के लगभग फीडबर्नर सब्‍सक्राइबर दिख रहे हैं जो सही नहीं हो सकते, कोई फीडबर्नरी लोचा है। आउट आफ क्‍यूरोसिटी हमें लगा कि हम चालीस के आस पास लटके हैं तो क्‍या किया जाए- गए गूगल देवता की शरण में पता चला कि आप अपने चिट्ठे पर कितने सब्‍सक्राइबर दिखना चाहते...
Jan 20th
क्रिकेटः बेईमानी भी काम ना आयी →
तो आखिर आस्ट्रेलिया अपना बनाया रिकार्ड तोड़ने से रह गया फिर से वहीं 16 पर आ कर सुई अटक गयी। वैसे अगर थोड़ा सोचें तो आस्ट्रेलिया का सिडनी में किये गये व्यवहार का कारण समझ में आता है। सिडनी टेस्ट से पहले रिकी पोटिंग की आस्ट्रेलिया की टीम को स्वीव वॉ के बनाये लगातार 16 […]
Jan 20th
रचनाकार के नित्य के नियमित पाठक - 4389! →
और इस चिट्ठे के 439! ये चित्र देखें- ये फ़ीड बर्नर फ़ीड काउंट के चित्र हैं जो अभी भारतीय समयानुसार 11 बजे दिनांक 19 जनवरी 2008 को लिया गया है. 4389 पाठक संख्या वाला चित्र रचनाकार का है और 439 आंकड़ा वाला चित्र इस चिट्ठे का है. अगर ये सही है, तो ये तो वाकई कमाल है. परंतु ठहरिये. ये तो सीधा सीधा फ़ीडबर्नर की तकनीकी दिक्कत मालूम देती है. या फिर कोई स्पैमर इन्हें बॉट के जरिए सब्सक्राइ किए जा रहा...
Jan 19th
पानी कहाँ से लाओगे →
मनीषा के नये साल के पहले लेख में पहले पढ़ा फिर अभय ने भी कहा पानी नही मिलेगा, अब जब सब जगह नीर के लिये नीर बहाया जा रहा था तो हमें लगा कि क्यों ना हम भी लगे हाथ पूछ लें, बोलो पानी कहाँ से लाओगे। अब शब्दों के मामले में हम इन दोनों विभूतियों […]
Jan 19th
कौन बड़ा? चिट्ठाकार या पत्रकार →
आशीष के बोल हल्ला में, मैं चिट्ठाकार और पत्रकार के बीच की कभी ना खत्म होने वाली पोस्ट पढ़ रहा था। मुझे लगा क्यों ना मैं भी अपने 2 सेंटस की आहुति इस बहस में डाल दूँ। चिट्ठाकार यानि पर्सनल कंप्यूटर और पत्रकार यानि मैंकिंतोस मैं तकनीक से जुड़ा चिट्ठाकार हूँ इसलिये इन दोनों के फर्क को […]
Jan 19th
क्या ब्लॉगों पर नियंत्रण होना चाहिए? →
….. एनडीटीवी पर पूछा बर्खा दत्त ने
Jan 18th
विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी →
आज से हम शुरू कर रहे हैं एक विडियो श्रृंखला जिसमें टेलिविजन की दुनिया में दिखाये गये कुछ सीरियलों और विज्ञापनों के अंश दिखायेंगे। ये वो सीरियल हैं जो वक्त में खत्म हुआ करते थे जिनकी कहानियों में अंत होता था ना कि आजकल के कभी ना खत्म होने वाली बकवास भरे सीरियल। ये वो […]
Jan 17th
मजेदार कार्टूनः टाटा नेनो के १० साइड इफेक्टस →
आजकल टाटा की नयी कार नेनो (Tata Nano) ने धूम मचायी हुई है जहाँ सब वाहवाही कर रहे हैं वहीं किसी कार्टूनिस्ट ने ढूँढ निकाले हैं इस कार के १० साइड इफेक्टस। चूँकि ये कार्टून आपने आप में ही बहुत कुछ कहते हैं मुझे कुछ समझाने की जरूरत नही, आप भी नजरें इनायत कीजियेः
Jan 16th
हालिया कीवर्ड विश्‍लेषण →
केवल सूचना के लिए नीचे उन शब्‍दों की खोजों के घटते क्रम में सूची है जिन्‍हें सर्च इंजिनों में खोजते हुए पाठक हाल में इस ब्‍लॉग तक पहुँचे हैं- बाढ़ नग्नता hindi blog सुधीश पचौरी masijeevi stree graho ka khel gaahe bagaahe नास्तिकता swarn sambandh 2005  kahe taree karan chabees january kavita irotik megha patekar martand panchag khab नैपकिन विवाद सैक्सी jo na kah sake hindi...
Jan 15th
सामुदायिक ब्‍लॉग और घेटोआइजेशन के खतरे →
सामुदायिक ब्लॉगों का चलन हिन्‍दी चिट्ठासंसार के लिए नया नहीं है। चिट्ठाचर्चा, अक्षरग्राम एक अरसे से चालू हैं। यही नहीं नारद के रूप में एक एग्रीगेटर भी रहा है जो ‘सामुदायिक’ था (है तो अब भी किंतु उसकी भूमिका काफी सीमित हो गई है) अत: सामुदायिक होने की परिघटना नई नहीं है किंतु हाल फिलहाल में सामुदायिक ब्‍लॉगों का चलन कुछ बढ़ गया है। दरअसल एग्रीगेटरों की आपसी प्रतियोगिता की तार्किक परिणति...
Jan 15th
SMS वाले प्रोग्रामों में भी होता है घपला →
टीवी में आजकल काफी ऐसे प्रोग्राम आने लगे हैं जिनमें दर्शकों से अपने पसंदीदा कलाकार या गायक गायिका को जिताने के लिये SMS करने को कहा जाता है। जाहिर सी बात है अपने पसंदीदा कलाकार को जिताने के लिये दर्शक ऐसा करते भी हैं और दर्शकों के द्वारा किये SMS से टीवी वालों की […]
Jan 15th
या तो राम झूठे हैं या मीडिया →
अभी अभी जी टीवी पर खबरें देख रहा था तो सबसे पहली खबर आयी, “जी टीवी का सबसे बड़ा सनसनी खेज खुलासा - क्या रावण जिंदा है?“। लो करलो जी बात, खुलासा कर रहे हो या सवाल पूछ रहे हो। चलो मान लिया कि सनसनी की बात कर रहे हो तो खुलासा ही कर रहे […]
Jan 15th
अपने चिट्ठे पर फ़ीडबर्नर का फ़ीड काउंट और ईमेल से... →
आपके चिट्ठे को आपके बहुत से पाठक नियमित सब्सक्राइब कर पढ़ते हैं और गूगल-वर्डप्रेस के डिफ़ॉल्ट आरएसएस फ़ीड में ये बात दिखाई नहीं देती कि ऐसे पाठक कितने हैं. इसे जानने के लिए और तमाम अन्य एनालिसिस तथा पाठकों की सुविधाओं के लिए फ़ीडबर्नर की फ़ीड अलग से कई चिट्ठों पर दी जाती रही है जैसा कि इस चिट्ठे में है. ऑनलाइन चिट्ठा समस्या निवारण गोष्ठी जो स्काईप के जरिए हुई थी, उसमें सागर नाहर ने अपने चिट्ठे पर...
Jan 14th
ज्ञान विज्ञान और तकनीक पर ब्लोग →
पिछले साल हमने तकनीक पर एक ब्लोग शुरू किया था जो समयाभाव के कारण तुरंत ही बंद भी कर दिया था। अब नये साल की शुरूआत के साथ ही इस पर लगा ताला खोल दिया गया है और एक नये कलेवर के साथ कंट्रोल पैनल हाजिर है। तकनीकी से जुड़े विषय के साथ-साथ हम समय […]
Jan 14th
प्रयास….. विस्फोट….. और उत्तर →
….. साफ़ दिल से एक प्रयास
Jan 14th
माफ़ी चाहूँगा….. →
….. कि मैं नहीं आ सका
Jan 13th
दम बनी रहे , घर चूता है तो चूने दो →
साल बीत गया। नया लग गया। साल जब बीत रहा था तो साथी लोग हिसाब लगा रहे थे उपलब्धियों का, खास घटनाओं का। हम भी सोचे कि कुछ मौज ली जाये। सो तुकबंदी का मजनून बना। शुरुआत करते हुये सोचा- साल गया , बवाल गया। फिर जैसा होता है हमेशा, आलस्य हावी हो गया। फ़ैक्ट्री […]
Jan 13th
अइयो रब्बा कभी निर्णायक न बनना..... →
आपने रेशमा की आवाज में वो गाना सुना होगा. अइयो रब्बा कभी प्यार न करना. शायर ने अपनी लेखनी में दर्द तो भरा ही था, रेशमा की दर्दीली आवाज ने उसमें और चार चाँद लगा दिए. तो जो हाल उस गीत में वर्णित है, यारों, सचमुच वही हाल इधर भी है. आप पीएम बन जाना, सीएम बन जाना, ये बन जाना, वो बन जाना, पर निर्णायक न बनना. और, हिन्दी ब्लॉगों के तो कतई नहीं. बहुत दर्द है यहाँ. इससे पहले इंडीब्लॉगीज़ में एक बार...
Jan 12th
लिनक्स एवं विंडोज के लिए डेस्कटॉप वातावरण केडीई... →
(लिनक्स/यूनिक्स तंत्र का बेहतरीन, लोकप्रिय डेस्कटॉप वातावरण केडीई 4, जिसके हिन्दीकरण के लिए सराय द्वारा स्वीकृत परियोजना पर कार्य जोरों से चल रहा है, जारी किया जा चुका है. इसकी प्रमुख खासियत यह है कि अब इसके सैकड़ों मुफ़्त उपलब्ध अनुप्रयोग विंडोज तंत्र - जी हाँ, आपने सही सुना… विंडोज तंत्र के लिए भी उपलब्ध हैं. यह घोषणा केडीई के मूल साइट पर यहाँ उपलब्ध है जिसे नीचे पुन: उद्धृत किया जा रहा...
Jan 11th
सूचना-तकनीक और जालजगत में वर्ष 2007 के हिट और... →
2007 के प्रारंभ में सूचना तकनीक के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की संभावनाओं को देखते हुए हमेशा की तरह कुछ वार्षिक भविष्यवाणियां की गई थीं जिनमें कुछ तो पूरे हुए और कुछ का तो पता ही नहीं चला. सबसे बड़े असफल भविष्यवाणियों में से एक - गूगल के कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के 2007 में अवतरण की अटकलों को माना जा सकता है जो कि अंततः महज कोरी कल्पना ही सिद्ध हुई. मगर यह कोरी कल्पना 2007 के अंत तक आते-आते...
Jan 11th
उलटी तरफ चलना तो मेरे जीन में है… →
बहुत-बहुत धन्यवाद इस शोध का. आभार, इस नए अध्ययन निष्कर्ष का. अब मैं अपनी असफलता का ठीकरा अपने जीन के सिर पर फोड़ सकता हूँ. किसी भी असफल काम के लिए, अब मैं अपने जीन को जिम्मेदार ठहरा सकता हूँ. वैसे भी, जब किसी शिशु का जन्म होता है, लोग नवजात को देखते ही बोलते हैं – यह अपनी मां/पिता पर गया/गई है. कभी-कभी दादा-दादी या नाना-नानी की प्रतिकृति भी दिखाई देने लगती है, और कभी किसी टिप्पणी से ये भी...
Jan 9th
हिन्‍दी की कन्‍याएं जींस पहनकर तमिल फिल्‍मों की... →
सही कहें तो हमें नहीं पता कि ऐसा क्‍यों होता है।। पर क्‍या ऐसा होता है यानि क्‍या जींस पहनकर यानि आधुनिक फैशन के लिहाज से हिदी वालियॉं और वाले एकदम भैणजी हैं- तो हम झट से चुप्‍पी मार जाएंगे वरना पोलिटिकली करेक्‍ट मित्रों का मोहल्‍ला हमें  कहीं का न छोड़ेगा। पर साफ करें कि ये शब्‍द कहानीकार उदयप्रकाश ने अपनी एक कहानी में रखी है। विधाता गहरे असमंजस ऊब और थकान के हाल मे रहा होगा जब उसने हिन्दी...
Jan 8th
क्या आप आ रहे हैं? →
….. उस बड़ी ब्लॉगर भेंटवार्ता में?
Jan 8th
इंडिया को माधुरी नही फूलन की वापसी चाहिये →
अभी पिछले साल के आखिरी में माधुरी धकधकाते हुए बालीवुड वापस आयीं तो सब जगह चर्चे होने लगे। लेकिन वैसे अगर देखा जाये तो वो नही भी आती तो कुछ फर्क नही पड़ना था। क्योंकि माधुरी की वापसी से बालीवुड में फर्क पड़ता इंडिया में शायद ही। इंडिया में फर्क देखना है तो फूलन की […]
Jan 5th
चिट्ठे में समस्या? हिन्दी में समस्या? →
चिट्ठे में विजेट कैसे लगाएँ? चिट्ठे में एडसेंस कैसे लगाएँ? चिट्ठे में चित्र कितने आकार का लगाएँ? फ़ॉन्ट परिवर्तन कैसे करें? शुषा कृति देव से मंगल में कैसे बदलें? सबसे सरल रूप में हिन्दी कैसे टाइप करें? ये कैसे करें, वो कैसे करें….. इन सबका समाधान आज ऑनलाइन चिट्ठा समस्या गोष्ठी में दोपहर 3 से 5 बजे प्रस्तावित है. विस्तृत जानकारी यहां देखें. आप सभी सादर आमंत्रित हैं ...
Jan 5th
संकट में सबसे बड़ा साथी कौन होता है? →
वाह! मनी. जी हां, पैसा. और इस बात को फिर से, गंभीरता से बताया जा रहा है वेब-दुनिया में. इस दफ़ा वेब दुनिया में ब्लॉग चर्चा में अवतरित हुआ है कमल शर्मा का ब्लॉग वाह मनी. ब्लॉग चर्चा में कमल शर्मा का विस्तृत साक्षात्कार भी प्रकाशित हुआ है – जिसमें वे बता रहे हैं कि किस तरह अपने ब्लॉग -  वाह मनी के माध्यम से सौ लोगों को करोड़ पति बनाने का लक्ष्य उन्होंने रखा है. और, पंद्रह तो रास्ते पर पहले से...
Jan 4th
डिबेटिंग फट्टा उर्फ मेंढक टॉंग से सुनता है →
औपचारिक रूप से तो नहीं लेकिन अनौपचारिक रूप से कॉलेज की हिन्‍दी वाद विवाद गतिविधियों में कुछ जिम्‍मेदारियॉं मेरी रहती हैं। खासतौर पर प्रतियोगिताओं के लिए जसने वाले प्रतियोगियों को टिप्‍स देने की। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय की डिबेटिंग सर्किट जिसकी चर्चा मैंने पहले भी की थी, वह कई मायने में अलग है यहॉं बाकायदा डिबेटिंग के संप्रदाय हैं मसलन एक तो है ‘प्रवाह संप्रदाय’ यह एक तरह से स्‍कूल...
Jan 4th
निमन्त्रण….. →
….. आप सभी सादर आमंत्रित हैं
Jan 3rd
समस्या….. विश्लेषण….. समाधान….. →
….. समस्या भी है, उसका विश्लेषण भी है और समाधान भी है; आ रहा है जल्द जो उसका न्योता भी है
Jan 3rd