September 2009
25 posts
अपने अंग्रेज़ी कीबोर्ड के लिए इनस्क्रिप्ट हिन्दी... →
जो लोग इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड से हिन्दी टाइपिंग सीखना चाहते हैं, उनके लिए बाजार में इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड स्टीकर आसानी से नहीं मिलता. जो हिन्दी स्टीकर बाजार में मिलते हैं वो रेमिंगटन (कृतिदेव) के ही होते…
पुष्प की गंध से कुछ खटक सी गई →
पुष्प की गंध से कुछ खटक सी गई,
नैंन-सैन चुंबन की ले-दे फ़टाफ़ट हुई।
हवायें बेचारी सब गुमसुमा सी गईं
शाम मारे शरम के हो गई सुरमई
भौंरें भागे सभी सर पे धरे अपने पंख
तितलियां फ़ूल में…
….गुस्से के पाले में कबड्डी →
आज सोचा कि एक पुरानी पोस्ट ही ठेल दी जाये। देखिये।
गुस्से के कुछ सौंन्दर्य उपमान
[ मिज़ाज, ज़बान और हाथ, किसी पर काबू न था, हमेशा गुस्से से कांपते रहते। इसलिए ईंट,पत्थर, लाठी, गोली, गाली किसी…
आदमी के सड़ा अचार बनने की तथा कथा... →
वैसे, यूं तो आदमी, आदमी ही होता है. मगर कभी वो कुत्ता, कभी उल्लू, कभी गधा और कभी सूअर बन जाता है. यदा कदा कुछ अतिरेकी मामलों में वो बैल या शेर भी बन जाता है. मगर सड़ा अचार? आधुनिक, कलियुग…
….गुस्से के पाले में कबड्डी →
आज सोचा कि एक पुरानी पोस्ट ही ठेल दी जाये। देखिये।
गुस्से के कुछ सौंन्दर्य उपमान
[ मिज़ाज, ज़बान और हाथ, किसी पर काबू न था, हमेशा गुस्से से कांपते रहते। इसलिए ईंट,पत्थर, लाठी, गोली, गाली किसी…
मंहगाई के दौर में ,मन कैसे हो नमकीन →
कभी कभी हमारा मन करता है कि धांसू-धांसू कुछ शेर लिख डाले जायें। लेकिन हमने जब भी शेर पर हाथ आजमाये , मेमना बनकर रह गये। अपनी समझ में धांसू शेर लिखे तो लोगों ने कहा ये बहर में नहीं है, इसमें…
……भये छियालिस के फ़ुरसतिया, ठेलत अपना ब्लाग जबरिया। →
पिछले हफ़्ते हम छियालिस साल के हो गये। जैसे मेहमानों के आने की खबर सुनकर खाना बनाने वाली बाई बीमार हो जाती है वैसे ही हमारा ब्लाग दो दिन पहले बैठ गया। ब्लाग को पता था कि जन्मदिन के बहाने…
अरे मेरा विश्वविद्यालय खो गया है →
अभी कुछ नई जानकारी के लिए अपने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर झांका तो ये पाया मतलब विश्वविद्यालय की भारी भरकम साइट गायब है उसकी जगह एक नवेली हल्की फुल्की किसी एडवाइजरी समिति की…
अनपढ़ मच्छरों के लिए क़ानून? →
नए क़ानून के मुताबिक, अब अगर आपके घर में कोई मच्छर दरियाफ़्त किया जाएगा, यदि आप मच्छरों को अपने घरों में प्रश्रय दे रहे होंगे तो आपके ऊपर शुद्ध 500 रुपयों का जुर्माना किया जाएगा. %$#@ बहुत…
हिन्दी दिवस विशेष : गूगल में रीयल टाइम हिन्दी में... →
हिन्दी में सर्च करने की बढ़िया सुविधा गूगल में है. परंतु आम प्रयोग के दौरान सर्च विकल्प में पिछले चौबीस घंटों या किसी मामले में पिछले बारह घंटों का सर्च विकल्प ही मौजूद रहता है. सवाल ये है कि ट्विटर…
हिन्दी तेरा रूप अनूप- श्रीलाल शुक्ल →
पिछले लेख में बात शुरू हुई थी जनभाषा से और फ़िर वह सरकायी , धकेली जाती हुयी हिन्दी, संस्कृति, अंग्रेजी , मैकाले, फ़ैकाले होते हुये बरास्ते संस्कृति और विनम्रता आदि होते हुये हिन्दी दिवस पर जाकर खड़ी…
…जन भाषा के हायपर लिंक →
भाषा
ज्ञानजी की पोस्ट सुबह-सुबह देख रहे थे। जानकारी दिहिन हैं रेल की-डरते-डरते। हम टिपियाये- “सुन्दर। हम भी कटियाज्ञानी हो गये। कटियाज्ञानी बोले तो जैसे कि आपके ब्लाग पर ज्ञान करेंट…
….ब्लाग की लाज बचाना बेटा →
समीरलालजी
कल समीरलालजी नेट पर मिले। बोले -भाई साहब हम आपसे बात नहीं करेंगे। आपसे नाराज हैं आप आजकल हमसे मौज नहीं लेते। यह कहते हुये वे बहुत देर तक बात करते रहे।
हमने कहा ऐसा क्या…
RSS Links Widget →
The Happiness Engineers had a great time in London last week. We worked on some cool projects and came up with a lot of great ideas. We’ll bring more updates to you over the coming weeks…
जीतू- जन्मदिन के बहाने इधर उधर की →
जीतेन्द्र
आज नौ सितम्बर है। जीतेन्द्र का जन्मदिन आज के ही दिन पड़ता है। वे भी हमारी तरह सितम्बरी लाल हैं। कहते हैं कि सितम्बर में पैदा हुये लोग कलात्मक प्रतिभा से युक्त होते हैं।…
After the Deadline Live for WP.com →
Last week you guys published 1.4 million new blog posts, but you only ran the spell checker about 204 thousand times. Ahem. The two possible explanations for this are that we’re all…
आदमी के बेबस होने के तो, और भी हजारों कारण हैं... →
आदमी, खूबसूरत औरत के सामने बेबस हो जाता है. ठीक है. तो, वो ज्यादा खूबसूरत औरत के सामने ज्यादा बेबस हो जाता होगा. विश्व सुंदरी के सामने तो वो सर्वाधिक बेबस हो जाता होगा. शायद यही कारण है कि…
RSS in the Clouds →
Clouds from my trip to WordCamp Dallas
RSS stands for Really Simple Syndication and it’s a way for people to subscribe to updates to your blog using a client like Google Reader…
दिमाग तो, दाल और चीनी के भाव से भी फिर रिएला है… →
व्यंज़ल कैसे बताएँ किस किस का फिर गया है दिमाग यकीनन मेरा या फिर तेरा फिर गया है दिमाग वो लोग जो बातें करते हैं समाज में क्रांति की जानते नहीं कि उनका तो फिर गया है दिमाग जो देखते…
सुनि प्राब्लम चेलाराज की , गुरुवर भये फ़ौरन ही... →
आज शिक्षक दिवस है। लोग कहते हैं कि शिक्षा का स्तर गिर गया है। पतित हो गयी है शिक्षा व्यवस्था। हर तरफ़ ट्यूशन का बोलबाला है। जितने मुंह उससे चार गुनी बातें!
हर जागरूक व्यक्ति का हर…
August Wrap-Up →
I’m back in San Francisco after a trip to London for the Happiness Engineer meetup. It’s serious business, but the group has managed to have a little fun along the way.
Our…
मुझको बड़ा आदमी बनना है →
लड़की वैसाखियों के सहारे धीरे-धीरे चलती है। आहिस्ता, आहिस्ता सीढ़ियां उतरती है। पहले एक पैर नीचे रखती है फ़िर आहिस्ते से दूसरा। सीढ़ियां उतर कर छुटकी सी लड़की उचक-उचककर बैसाखियों के सहारे सड़क…
बिना तू तू मैं मैं वाली जिन्दगी →
हम अक्सर बड़े-बड़े महापुरुषों के वैवाहिक जीवन के बारे में सोचते हैं। क्या उनकी गृहस्थी उतनी ही झंझट प्रधान रहती होगी जितनी हम जैसी आम लोगों की होती है। पैसे कौड़ी की तो चिन्ता तो खैर छोड़िये…
सिमटती हिंदी ब्लोगिंग का बढ़ना जारी है →
आह वाह से उठकर पढ़ने वालों को हो सकता है इस पोस्ट के टाईटिल में विरोधाभास नजर आये, इसलिये आगे कुछ कहने से पहले टाईटिल के फर्क को जान लें। बढ़ने और सिमटने में वो ही फर्क है जो किसी भी ग्राफ के…
थकेले दिग्गजों की तरफ से आपके लिए ब्लॉगिंग... →
वैसे तो अपने तमाम हिन्दी चिट्ठाकारों ने समय समय पर ब्लॉग उपदेश दिए हैं कि चिट्ठाकारी में क्या करो और क्या न करो. परंतु अभी हाल ही में दो सुप्रसिद्ध, शीर्ष के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले भारतीय…