….गुस्से के पाले में कबड्डी
आज सोचा कि एक पुरानी पोस्ट ही ठेल दी जाये। देखिये।
गुस्से के कुछ सौंन्दर्य उपमान
[ मिज़ाज, ज़बान और हाथ, किसी पर काबू न था, हमेशा गुस्से से कांपते रहते। इसलिए ईंट,पत्थर, लाठी, गोली, गाली किसी…
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